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Sathi Sath Nibhana

Sathi Sath Nibhana

SKU: 1498STHNBHN
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₹332.50Sale Price

ना कर तू इस क़दर जानां मेरे वज़ूद को दरगुज़र तू जो चाहे तो कर दूँ रौशन बन चराग़-ए-रहगुज़र। है ऐसी भी क्या बेरूख़ी इस ख़ाकसार से भला तू जो कह दे तो बन जाऊं तेरी मंज़िल की गुज़र। ❤❤प्रवीणा इजाजत तो दो हमें की तुम्हारे लिए कुछ कर दिखाएं, तुम कहो तो सही तुम्हारे प्यार में हंसते-हंसते मर जाएं। दीक्षा रघुवंशी नायक थोड़ी सी मुहब्बत थी,बहुत सी चाहत थी, तेरी बाहों का घेरा था, दिल को बड़ी राहत थी...। उत्सव "काव्य " बड़ी शिद्दत से किया है खुद पर ऐतबार, दरिया ए रहमत और वफ़ा की मैं तलबगार। उषा सिंह

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  • Compiler

    Pritam Singh Yadav And Sujata Kashyap

  • ISBN

    9789354523489

  • Publication House

    Spectrum Of Thoughts

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