
Deepak Shaklya
• श्री दीपक शाकल्य ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में प्राप्त की तथा 1993 में टेक्नीशियन इंजीनियर (मैकेनिकल) की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कम्प्यूटर एप्लीकेशन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया।
• श्री शाकल्य एक निजी अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान में उन्हें हमेशा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के प्रबंधन के लिए चुना जाता है। वे प्रतिष्ठित भारत-सार्क मधुमेह सम्मेलन की स्थापना करने वाली कोर टीम में थे।
• एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि वैदिक सम्मेलन-2003 थी, जो वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों, योग एवं ध्यान के प्रभाव पर आगे अनुसंधान एवं चिंतन को प्रोत्साहित करने तथा इन प्राचीन पद्धतियों के प्रति वैज्ञानिक एवं शिक्षित मस्तिष्कों में विश्वास पैदा करने का एक प्रयास था। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन वैदिक संस्कृति शोध संस्थान द्वारा वास्तु विज्ञान संस्थान (भारत), निजी अस्पताल एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र के सहयोग से किया गया था।
• श्री शाकल्य एक विनम्र, हंसमुख एवं मृदुभाषी व्यक्ति हैं, जो परोपकारी गतिविधियों में भी रुचि रखते हैं। श्री शाकल्य को पढ़ने का बहुत शौक है। उन्होंने चार धामों एवं बारह ज्योतिलिंगों की अपनी यात्रा में पूरे भारत की यात्रा की है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा के बाद उन्होंने लेखन शुरू किया।
• सम्प्रति - प्रशासनिक अधिकारी निजी अस्पताल में
• रुचि – तीर्थाटन
• सम्मान
• ट्रू मीडिया द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 के अवसर पर सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" पुरस्कार
• गीतांजलि काव्य प्रसार मंच द्वारा नीरजकुंज ई पत्रिका “नवरंग सृजन सम्मान” 22 April 2025
• प्रकाशन
• कविता संग्रह “राहों के रंग”
• साझा काव्य संकलन
i. कुछ कहती हैं मेरी खामोशियाँ
ii. अवध के राम
• विभिन्न पत्रिकाओं और ब्लॉगों पर
Books
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