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Hai koi Jawab?
श्री अरविन्द मोहन ने एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीयकृत बैंक में लगभग ३५ वर्ष तक अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। बैंक सेवा में आने से पूर्व उन्होंने एक समाजसेवी संस्था में एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया है।
उनकी कविता संग्रह 'है कोई जवाब?' समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण, मौलिक सोच, समाज में उच्च मूल्यों की स्थापना हेतु उनकी आशा व प्रयासों को परिलक्षित करती हैं। उनके समाज से कई ज्वलंत प्रश्न भी हैं।
सभी कविताएँ जीवंत, सारगर्भित, प्रासंगिक, सत्य घटनाओं पर आधारित तथा अत्यन्त महत्वपूर्ण विषयों पर कवि की मनःस्थिति का आईना हैं। तथा समाज को चिंतन हेतु मज़बूर करती हैं।
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